गुरुवार, 8 अप्रैल 2021

कैन्थरिस ( CANTHARIS ) औषधि के व्यापक लक्षण, मुख्य रोग व फायदें

कैन्थरिस ( CANTHARIS ) औषधि के व्यापक लक्षण, मुख्य रोग व फायदों का विश्लेषण करते हैं-

  • मूत्र मार्ग की शोथ तथा जलन   
  • अन्य रोगों के साथ मूत्र मार्ग की जलन 
  • जननेन्द्रिय सम्बन्धी निर्लज्जता 
  • जहरीले कीटों के विष से जलन व आग से जलने की जलन 
  • कैन्थरिस की प्रभाव शक्ति 

" कैन्थरिस की प्रकृति "

रोगी को गर्मी से , मलने से व लेटने से आराम मिलता हैं । जबकि पेशाब करते समय कष्ट, ठंडा पानी पीने से, जल की कल - कल की आवाज से व छूने से तकलीफे बढ़ जाती हैं । 

" मूत्र मार्ग की शोथ तथा जलन "

कैन्थरिस का सबसे प्रधान लक्षण मूत्र मार्ग की जलन हैं । यह दवा मूत्र संस्थान में तेजी से असर करती हैं, ऐसे रोग को जल्दी शांत कर देती हैं । मूत्राशय और प्रजनन अंगों में जलन होती हैं और उनमें सूजन आ जाती हैं।  व्यक्ति सेक्स संबंधी विचारों से परेशान रहता हैं । मूत्र संस्थान की इसी जलन के कारण मूत्राशय में दर्द भी होता हैं, बार - बार पेशाब आता हैं और मूत्राशय में असहनीय मरोड़ होती हैं । मूत्राशय में पेशाब करने से पहले , बीच में, और अंत में मूत्र प्रणाली में दर्द होता हैं, पेशाब बूंद - बूंद करके आता हैं । 

" अन्य रोगों के साथ मूत्र मार्ग की जलन "

मूत्र मार्ग की जलन कैन्थरिस का ' व्यापक लक्षण ' यह हम जानते हैं , इसलिए किसी अन्य रोग के साथ ये लक्षण हो तो इस औषधि से आराम होता हैं । जब कभी ब्रोकाइटिस के साथ रोगी को पेशाब अधिक आए और जलन भी हो तो  कैन्थरिस से अच्छा लाभ होता हैं और ब्रोकाइटिस भी ठीक हो जाता हैं । 

" जननेन्द्रिय सम्बन्धी निर्लज्जता "

जलन का एक स्वाभाविक परिणाम यह होता हैं कि रोगी सेक्स संबंधी विचारों से परेशान रहता हैं । हायोसाइमस , फॉसफोरस और सिकेल में भी रोगी सेक्स विचारों से परेशान रहता हैं ।  इसका कारण मूत्र प्रणाली की जलन होता हैं । कभी - कभी रोगी प्रेम के गन्दे गीत गाने लगता हैं , और जननेन्द्रिय  संबंधित ऐसी बातें करने लगता हैं कि कोई स्वस्थ व्यक्ति कभी ऐसी बातें नहीं करता । इन सब का कारण मूत्र संस्थान की गड़बड़ी होती हैं । जब किसी लड़की का ठंड लगने से मासिक धर्म में गड़बड़ी हो जाती हैं, तो उसके मन में विक्षिप्त अवस्था आ जाती हैं । जो इस दवा से दूर हो जाती हैं ।  

" जहरीले कीटों के विष से जलन व आग से जलने की जलन " 

जब कोई जहरीला कीड़ा काट लेता है तो उसके विष से त्वचा पर अत्यंत जलन होती हैं । यह जलन कैन्थरिस से एकदम दूर हो जाती हैं । और आग की जलन को भी दूर कर देती हैं ।  कैन्थरिस का प्रयोग बाहर और आन्तरिक में 30 या 200 शक्ति की कुछ मात्राएं दे देने से अच्छा लाभ होता हैं ।

" कैन्थरिस की प्रभाव शक्ति "

यदि त्वचा पर कैन्थरिस डाल दिया जाए , तो वहां एकदम छाले पड़ जाते हैं । छालों का एकदम पड़ना यह सिद्ध करता हैं कि यह औषधि तुरन्त प्रभाव डालती हैं । जो औषधि एकदम कुप्रभाव डालती हैं, वह शरीर को स्वस्थ करने में भी एकदम प्रभावशाली होती हैं । रोगों के आने व जाने की गति धीमी या तीव्र होती हैं ।  

" कैन्थरिस की शक्ति तथा प्रकृति "

बाहरी प्रयोग के लिए मूल अर्क  तथा आंतरिक प्रयोग के लिए 6 , 30, 200 शक्ति इस्तेमाल होती हैं। इस औषधि की प्रकृति शीत होती हैं।


0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें