रविवार, 21 मार्च 2021

बोरेक्स ( BORAX ) औषधि के व्यापक लक्षण , मुख्य रोग व फायदें

बोरेक्स ( BORAX ) औषधि के व्यापक लक्षण , मुख्य रोग व फायदों का वर्णन -

  • ऊपर से नीचे की ओर गति से भय  
  • बच्चे का सोते हुए अचानक चौंक जाना 
  • बालों का उलझ कर चिपक जाना 
  • पलकों के बाल अन्दर की ओर मुड़ जाना 
  • युवा स्त्रियों की नाक की चमकदार लालिमा 
  • मुंह का आना 
  • बच्चे का पेशाब से पहले चीख उठना 
  • श्वेत प्रदर का गर्म पानी की तरह होना 
  • श्लैष्मिक झिल्ली के कारण मासिक धर्म का कष्ट 
  • बाँझपन

बोरेक्स की प्रकृति - दोपहर के 11 बजे तथा शाम को ठंड में रोग के लक्षणों में कमी आती हैं, और दबाने से आराम होता हैं। जबकि नीचे की ओर गति से भय लगने से, अचानक चौंकने से, शीत या नमी से तथा मासिक धर्म के बाद रोग के लक्षणों में वृद्धि होती हैं। 

ऊपर से नीचे की ओर गति से भय - बोरेक्स विशेषकर बच्चों की औषधि हैं । जब कोई शिशु को गोद से पालने में डालने के लिए झुकता हैं , तो नीचे की गति के कारण वह भय से जाग जाता हैं, शिशु माता को दोनो हाथों से पकड़ लेता हैं और चिल्लाता हैं । झूले से , सीढ़ियों व पहाड़ से नीचे उतरने में जो डर होता हैं, वह इस औषधि का मुख्य लक्षण हैं । यदि इस लक्षण साथ बच्चे में अतिसार का रोग, वयस्कों में गठिया रोग तथा स्त्रियों में मासिक धर्म का कष्ट आदि रोगों में यह औषधि रामबाण हैं । 

बच्चे का सोते हुए अचानक चौंक जाना - बच्चा बहुत अधिक स्नायविक होता हैं , किसी भी प्रकार की थोड़ी सी आवाज में ही चौंक जाता हैं । ज्यादातर ऐसा बच्चे के सोते समय होता हैं, और पलंग को जकड़कर पकड़ लेता हैं । सामान्यता ये लक्षण सभी बच्चों में पाए जाते हैं, परन्तु ये लक्षण अधिक मात्रा में हो , तो बोरेक्स देने से आराम मिलता हैं ।

बालों का उलझ कर चिपक जाना - बालों का उलझ कर चिपक जाना इसका एक विशेष लक्षण हैं । बाल जटाए बन जाती हैं , कंधी करना मुश्किल होता हैं, बाल एक दूसरे में उलझे रहते हैं । इन बालों काट देने के बाद, जब नये बाल उगते हैं, वे भी इसी प्रकार उलझे रहते हैं । 

पलकों के बाल अन्दर की ओर मुड़ जाना - जिस तरह सिर के बाल उलझे रहते हैं , वैसे आंख की पलकों के बाल भी उलझ कर अन्दर की ओर मुड़ जाते हैं, जिसे ' परवाल ' कहा जाता है । परवाल की उत्तम औषधि बोरेक्स हैं । 

युवा स्त्रियों की नाक की चमकदार लालिमा - अगर युवा स्त्रियों की नाक का आगे का भाग चमकदार व लालिमा युक्त हो , तो स्त्रियों के अन्य रोगों को बोरेक्स दूर करने के लिये एक विशेष औषधि हैं । 

मुंह का आना - मुंह आ जाने पर घरेलू दवाई के तौर  सुहागे का प्रयोग करते हैं । बच्चों के मुंह आ जाने पर यह उत्तम औषधि हैं । मुंह के अन्दर , होठों में , जीभ में , गाल के भीतरी भाग में छाले हो जाते हैं । ये छाले गले के भीतर , पेट में , यहां तक कि मलद्वार तक पहुँच जाते हैं । इन सब मे बोरेक्स लाभप्रद दवा हैं । मुंह के छाले मर्क्यूरियस मे भी होते है , परन्तु इसके छालों में लार बहुत बहती हैं । ब्रायोनिया में भी मुँह में छाले रहते हैं , परन्तु  वे खुश्की कारण होते हैं ।  

बच्चे का पेशाब से पहले चीख उठना - बच्चों का जब मुंह आ जाता हैं , भीतर के अंगों में छाले पड़ जाते हैं , तब श्लैष्मिक झिल्ली की इस शोथ में पेशाब में भी जलन होने लगती हैं । जब बच्चे को पेशाब आता हैं , तब बच्चा चीख उठता हैं । और उसकी माता को पता चल जाता हैं, कि वह पेशाब के लिए चीख रहा हैं । इस लक्षण में बोरेक्स पेशाब की जलन को दूर कर देती हैं । 

श्वेत प्रदर का गर्म पानी की तरह होना - बोरक्स श्वेत प्रदर की अति उत्तम औषधि हैं । प्रदर अंडे की सफेदी की तरह का गाढा होता हैं । रोगिणी को यह प्रदर बहते हुए गर्म पानी की धार की तरह लगता हैं । 

श्लैष्मिक झिल्ली के कारण मासिक धर्म का कष्ट - मासिक धर्म में श्लैष्मिक झिल्ली के कुछ टुकड़े निकलते हैं । यह झिल्ली रुधिर के प्रवाह को रोकती हैं, इसलिये इसे बाहर धकेलने के लिए भीतर के अंगों में प्रसव पीड़ा के समान दर्द उठता है ,  जैसे की जरायु बाहर निकल जाएगा । जब तक श्लैष्मिक झिल्ली के ये टुकडे बाहर नहीं निकल जाते तब तक यह दर्द बना रहता हैं । ऐसे रोगी ऊपर से नीचे की गति से घबराती हैं । ऐसे में बोरेक्स उचित औषधि हैं । 

बांझपन - श्लैष्मिक झिल्ली के कारण ज्यादातर बांझपन होता हैं । बोरेक्स श्लैष्मिक झिल्ली के इस कष्ट को दूर कर गर्भ धारण करने में मदद करती हैं ।  

बोरेक्स औषधि के अन्य लक्षण- 

>> 11 बजे तक घबराहट - इस औषधि का एक विचित्र लक्षण यह हैं, कि दोपहर 11 बजे तक घबराहट रहती हैं , और बाद में घबराहट समाप्त हो जाती हैं । 

>> मुंह पर मकड़ी का जाला महसूस करना हैं इसका विलक्षण हैं , और रोगी उसे बार - बार हटाने के लिए चेहरे पर हाथ फेरता रहता हैं । 

>> नीचे की गति से चक्कर - रोगी जब नीचे जाने की गति में होता हैं- झुकने, लिफ्ट से नीचे जाने और सीढ़ियों से उतरने से रोगी को चक्कर आ जाता हैं । 

>> मानसिक कार्य से घबराहट - रोगी जब किसी भी प्रकार का मानसिक कार्य करता हैं, तो कुछ देर बाद जी घबराने लगता हैं । रोगी कुछ देर लेट कर आराम करता हैं, तो उसकी तबीयत ठीक हो जाती हैं । इसके बाद वह फिर मानसिक कार्य करने लग जाता हैं, और फिर जी घबराने लगता है । अगर इस लक्षण के साथ बोरेक्स के अन्य लक्षण मिले तो यह औषधि लाभप्रद हैं । 

बोरेक्स की शक्ति तथा प्रकृति - यह औषधि 1 , 3, 30 व 200 की शक्ति में उपलब्ध हैं ।  यह  शीत प्रकृति की औषधि हैं।


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