रविवार, 21 मार्च 2021

बरबेरिस वलगैरिस ( BERBERIS VULGARIS ) औषधि के व्यापक लक्षण, मुख्य रोग फायदें

बरबेरिस वलगैरिस ( BERBERIS VULGARIS ) औषधि के व्यापक लक्षण, मुख्य रोग फायदों का विश्लेषण -

  • दर्द का केन्द्र स्थल से चारो तरफ फैलना 
  • गुर्दे का दर्द  
  • पित्त पथरी का दर्द  
  • गठिये का चलता - फिरता दर्द 
  • कमर का दर्द

बरबेरिस वलगैरिस की प्रकृति - पेशाब करते समय , थकावट से , हरकत से रोग का बढ़ना बैठ कर उठने से रोग के लक्षणों में वृद्धि होती हैं।

दर्द का केन्द्र स्थल से चारो तरफ फैलना - यह इस दवा का मुख्य लक्षण हैं । गठिया का दर्द, पथरी का दर्द, गुर्दे का दर्द, यह दर्द विशेषकर बांये गुर्दे से होकर मूत्राशय व मूत्रनली तक फैल जाता हैं । गठिये मे किसी एक जोड़ में दर्द होगा परन्तु वह उसके चारों तरफ फैल रहा होगा । बरबेरिस वलगैरिस पथरी तथा गठिये की दवा इस लक्षण पर हैं, क्योंकि पथरी में गुर्दे से दर्द चारों तरफ फैल जाता हैं ।  

गुर्दे का दर्द  - गुर्दे में छोटी - छोटी पथरिया बन जाती हैं, और उनमे से कोई छोटी पथरी , गुर्दे से मूत्र प्रणालिका से होती हुई , मूत्राशय तक पहुँच जाती हैं । पथरी इस प्रणालिका से गुजरती हुई, बहुत दर्द करती हैं । उस समय गुर्दे से दर्द होकर चारों तरफ फैल जाता हैं । यह दर्द एक ओर गुर्दे की तरफ और दूसरी तरफ मूत्राशय , मूत्रनली की ओर जाता हैं और अण्डकोश तक पहुँच जाता हैं । ऐसी अवस्था में बरबेरिस वलगैरिस पथरी को निकाल कर दर्द को शांत कर देती हैं । इस दर्द का लक्षण हैं- पथरी के केन्द्र स्थल से उठकर दर्द का चारों तरफ फैल जाता हैं ।  

पित्त पथरी का दर्द - पित्त पथरी में भी बरबेरिस वलगैरिस इस प्रकार के दर्द का शांत कर देती हैं । यह दर्द भी पीठ में किसी एक स्थान को केन्द्र बना कर चारों तरफ फैल जाता हैं । 

गठिये का चलता - फिरता दर्द - गठिये के रोग में दर्द गुर्दे , लीवर और हृदय तक पहुँचा जाता हैं । जहां तक गुर्दे का संबंध हैं , गठिये की शिकायत में पेशाब कभी कम कभी ज्यादा आता हैं । यह पेशाब हल्का या भारी रंगदार हो सकता हैं । ऐसी अवस्था बैनजोइक ऐसिड औषधि में भी होती हैं । बरबेरिस वलगैरिस में शरीर के किसी भी हिस्से में काटने का दर्द हो सकता हैं , और यह दर्द स्थान बदलता रहता हैं । जब इसका रोगी बैठने लगता हैं, तब कमर में दर्द हो जाता हैं। कुछ देर बाद घुटने में दर्द हो जाता हैं , उसके बाद  कभी दर्द यहां - कभी वहां,  पूरे शरीर में दर्द घूमता रहता हैं । 

कमर का दर्द - कमर का दर्द बरबेरिस वलगैरिस औषधि की विशेषता है । बैठी हुई हालत से उठने पर उसे विशेष दर्द होता हैं । रोगी को ऐसा लगता है कि कमर अकड़ गई हैं और सुन्न हो गई हैं । 

बरबेरिस वलगैरिस औषधि के अन्य लक्षण 

>> सिर में सुन्नपन - यह इसका विलक्षण हैं, रोगी अनुभव करता हैं कि सिर बड़ा हो गया हैं । रोगी सिर पर ऐसे हाथ फेरता हैं, मानो सिर पर टोपी नहीं होते हुए भी टोपी उतार रहा हो । कई रोगी  सिर में सुन्नपन अनुभव होता हैं । सुन्नपन या सिर से टोपी उतारना ये दोनों बरबेरिस वलगैरिस के लक्षण हैं । 

>> फिस्टुला के ऑपरेशन के बाद रोग होना - कभी - कभी फिस्टुला के ऑपरेशन के बाद गुर्दे , लीवर या हृदय के रोग के लक्षण प्रकट होने लगते हैं । अगर इस समय चलते - फिरते दर्द उत्पन्न हो, तो रोग किसी भी अंग का हो बरबेरिस वलगैरिस से ठीक हो जाता हैं । 

>> आंख का दर्द का विभिन्न दिशाओं में जाना - कभी - कभी आंख पर भी गठिये का दर्द हो जाता हैं । और दर्द भिन्न - भिन्न दिशाओं में जाता हैं । 

बरबेरिस वलगैरिस की शक्ति - बरबेरिस वलगैरिस मूल अर्क , 3 , 6 , 30 व अधिक शक्ति में उपलब्ध हैं ।


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