रविवार, 7 फ़रवरी 2021

ऐनाकार्डियम औषधि के ( ANACARDIUM ) व्यापक लक्षण, मुख्य रोग व फायदें

ऐनाकार्डियम ( ANACARDIUM ) व्यापक लक्षण, मुख्य रोग व फायदें विस्तार से जानते हैं- 

  • स्मरण शक्ति का एकाएक लोप होना 
  • रोगी समझता है कि उसकी शारीरिक व मानसिक दो इच्छा शक्तियां हैं 
  • अवास्तविकता की अनुभूति
  • भ्रम व सन्देह करना
  • बिना वजह हंस देना  
  • खाने के बाद सिर दर्द व पेट दर्द में आराम
  • मानसिक दुर्बलता - परीक्षा से घबराहट 
  • अनिद्रा

" ऐनाकार्डियम की प्रकृति "


खाना खाने के बाद व गर्म पानी से स्नान करने से रोग के लक्षणों में कमी आती हैं।  क्रोध करने से, भय से, ठंड से और खुली हवा से रोग के लक्षणों में वृद्धि होती हैं।


" स्मरण शक्ति का एकाएक लुप्त हो जाना "


इस औषधि का स्मरण शक्ति पर प्रभाव पड़ता हैं ।  स्मृति लोप के संबंध में इस औषधि के समान दूसरी शायद ही कोई औषधि हैं । जब भी स्मृति लुप्त का लक्षण प्रबल हो तब यह औषधि ठीक काम करती हैं और रोगी के अन्य लक्षणों को भी दूर कर देती है । स्मृति  इतनी लुप्त हो जाती है कि वह अपने बच्चे को ही नहीं , अपने पति को भी भूल जाती हैं । 


" रोगी समझता है कि उसकी शारीरिक व मानसिक दो इच्छा शक्तियां हैं "


इसके रोगी को हर समय यह ख्याल आता रहता है कि शारीरिक व मानसिक इच्छा ये दोनों अलग - अलग हैं । शरीर तथा मन के अलग - अलग होने की ही उसे अनुभूति नही होती हैं। उनमे से एक इच्छा - शक्ति उसे जो कुछ करने को कहती है , दूसरी उसे करने से रोकती हैं । वह निश्चय नहीं कर पाता कि क्या करे और क्या नही करे । उसके भीतर से उसे एक आवाज़ आती है - यह करो , दूसरी आवाज आती है - यह न करो । उसकी इच्छा है कि दूसरे को मारे , दूसरे के साथ अन्याय करे , परन्तु उसे दूसरी आवाज़ ही अपने भीतर से सुनाई है कि ऐसा न करे । क्या करे , क्या न करे इसका विवाद उसके भीतर चलता रहता हैं । वैसे तो ऐसा विवाद सब में चलता है , भला आदमी अपनी अच्छी इच्छाओं के बल पर बुरी - इच्छाओं को दबा देता हैं। जबकि बुरा आदमी कानून के डर से इन बुरी इच्छाओं को दबा देता हैं । परन्तु जब मन इतना बेकाबू हो जाय कि वह अपनी बुरी इच्छा के चंगुल में ही फंस कर रह जाए, तब रोगी को यह औषधि दी जाती है । 


" अवास्तविकता की अनुभूति "


इस औषधि के रोगी को ऐसा अनुभव होता है, कि सब कुछ अवास्तविक हैं । उसे लगता है कि जो कुछ दिखता है वह वैसा नहीं है । पुत्र पुत्र नहीं है और पति पति नहीं है । जब ऐसी अवस्था होती हैं, तो इस औषधि का रोगी होता हैं । 


" भ्रम व सन्देह करना "


इस औषधि में भ्रम व सन्देह करता हैं । वह हर किसी पर भ्रम करता हैं, और सन्देह करता हैं, कि कोई पीछा तो नही कर रहा, वह बार-बार पीछे देखता हैं । ऐसे रोगी के लिए यह औषधि लाभप्रद होती हैं । 


" बिना वजह हंस देना "


यह औषधि भ्रमों से इतनी पूर्ण है कि रोगी ऐसी बात पर भी हंस देता हैं, जो हंसी लायक न हो, और जिस बात पर लोग हंसे उस पर संजीदा हो जाता हैं । ऐसे मानसिक लक्षणों में इस औषधि का उपयोग किया जाता हैं। 


" खाने के बाद सिर दर्द व पेट दर्द में आराम "


ऐनाकार्डियम में जब पेट खाली होता हैं, तब पेट में दर्द रहता हैं  और खाने के बाद पेट दर्द ठीक हो जाता हैं। खाना हजम होने के बाद फिर से रोगी की तबीयत फिर बिगड़ जाती हैं। जिसका पेट दर्द खाली हो जाने पर बढ़ जाता हैं, तो वह ऐनाकार्डियम 200 से बिल्कुल ठीक हो जाता हैं । यह सिर दर्द में भी लाभप्रद हैं ।  


" मानसिक दुर्बलता - परीक्षा से घबराहट "


मानसिक दुर्बलता इस औषधि का मुख्य लक्षण हैं।  विद्यार्थी मानसिक दुर्बलता के कारण परीक्षा से डरा हुआ रहता हैं। पिकरिक एसिड में भी मानसिक दुर्बलता का लक्षण पाया जाता है । विद्यार्थी देर तक मानसिक श्रम करने के बाद इतना थक जाता हैं, कि परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने का भय सताता हैं।  परीक्षा से घबराहट में दवा की निम्न शक्ति देना ठीक रहता हैं। 


" अनिद्रा "


रोगी को कई रात अनिद्रा का दौरा पड़ता हैं। रोगियों को कुछ दिन तो ठीक नीद आती है , परन्तु फिर नीद न आने का दौरा पड़ता हैं और कई दिन तक नींद नहीं आती हैं । उक्त लक्षणों में एक गर्भवती स्त्री को अनिद्रा के रोग में 200 शक्ति की औषधि लाभदायक होती हैं । 


" ऐनाकार्डियम औषधि की शक्ति व प्रकृति "


ऐनाकार्डियम औषधि 6 से 200 शक्ति में दी जाती हैं । यह औषधि शीत प्रकृति की हैं ।


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