शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

अर्जेन्टम नाइट्रिकम औषधि के ( ARGENTUM NITRICUM ) व्यापक लक्षण, मुख्य रोग व फायदें

अर्जेन्टम नाइट्रिकम औषधि के ( ARGENTUM NITRICUM ) व्यापक लक्षण, मुख्य रोग व फायदें विस्तार पूर्वक -

  • शरीर दुबला पतला, बुढ़ापे जैसी झुर्रियां, नीचे का धड़ दुबला 
  • नीचे से ऊंचे मकानों और ऊपर से नीचे देखने पर डर लगना
  • किसी बात से घबराहट होना  
  • कहीं जाने की घबराहट में दस्त आना और मानसिक श्रम से रोग 
  • मीठा खाने की इच्छा परन्तु मीठे से पेट खराब होना, हरे घास जैसे दस्त आ जाना 
  • पेट में हवा की अधिकता व अपचन 
  • गले मे फांस जैसी चुभन 
  • आँख के रोग  
  • दायीं करवट लेटने से धड़कन 
  • गला बैठना और गले में दर्द 
  • अर्जेन्टम नाइट्रिकम का रोगी ऊष्णता प्रधान होता हैं

अर्जेन्टम नाइट्रिकम की प्रकृति -  ठंडी हवा , ठंडे स्नान से रोग के लक्षणों में कमी आती हैं।  जबकि खुली हवा में, घबराहट से , इंतजार से, मानसिक श्रम से , मीठा खाने से , बंद कमरे में , भीड़ में और दायीं करवट लेटने से रोग के  लक्षणों में वृद्धि होती हैं।


शरीर दुबला पतला, बुढ़ापे जैसी झुर्रियां, नीचे का धड़ दुबला - इस दवा का रोगी दुबला - पतला , जवानी में बुढ़ापा, क्षीण शरीर , चेहरे पर झुर्रियां , प्रतिदिन दुबला होता जाना। इसके रोगी का निचला धड अधिक दुबला हो जाता हैं। सूखे के रोग में यह औषधि लाभ पहुँचाती हैं। 


नीचे से ऊंचे मकानों और ऊपर से नीचे देखने पर डर लगना - इसका रोगी ऊचे - ऊचे मकानों को देखने से डर जाता है, शरीर कांपने लगता हैं , और पसीना आने लगता हैं । इसी प्रकार ऊँची जगह से नीचे देखने पर भी डर जाता हैं ।  ऊँची जगह पर बैठे हुए सोचने लगता हैं कि यहाँ से गिर पड़ना कितना भयानक होगा । कभी - कभी यह विचार उस पर इतना हावी हो जाता हैं, कि वह सचमुच इस ऊंचाई से नीचे जा गिर जाता हैं । मृत्यु का भय उसे घेरे रहता हैं और अपनी मृत्यु के समय की भविष्यवाणी कर देता हैं । 


किसी बात से घबराहट होना - जब कोई काम करना होता है, जब तक वह काम नहीं हो जाता , तब तक वह मस्तिष्क की कमजोरी के कारण घबराता रहता हैं । उसका जी घबराता रहता है । रात को नींद नहीं आती । अगर किसी से मिलने जाना हो, जब तक मिल नहीं लेता तब तक का समय घबराहट में बीतता हैं । घबराहट में यह औषधि लाभप्रद होती हैं । 


कहीं जाने की घबराहट में दस्त आना और मानसिक श्रम से रोग - अगर रोगी किसी शादी में , सिनेमा देखने , मंदिर में, रोजमर्रा के अलावा किसी अन्य काम को करना हैं , तो भय और चिन्ता उसे इतना व्याकुल कर देती हैं, कि शौच जाना पड़ जाता हैं । किसी - किसी को तो दस्त भी आ जाता हैं । ये सब स्नायु मंडल की कमजोरी के लक्षण हैं । इस औषधि में मानसिक श्रम से उत्पन्न रोग पाए जाते हैं । उदाहरणार्थ - मानसिक श्रम से रोग मस्तिष्क की इसी कमजोरी का परिणाम हैं, कि इस औषधि में असाधारण मानसिक श्रम से या देर तक मानसिक कार्य करते रहने से कई रोग हो जाते हैं । उन्हें यह दवा दूर कर देती है । मानसिक श्रम से मन की थकान, सर्वांगीण थकान , कमजोरी , सुन्नपन , पक्षाघात , हृदय की धड़कन , कंपन आदि स्नायविक रोग हो जाते हैं, पेट में गैस भर जाती हैं, खाना हजम नहीं होता, ऐसे रोगी इस औषधि से ठीक हो जाते हैं । 


मीठा खाने की इच्छा परन्तु मीठे से पेट खराब होना, हरे घास जैसे दस्त आ जाना - इसके रोगी को मीठे खाने की अधिक इच्छा होती हैं, परन्तु मीठा उसे नुकसान पहुंचाता है, उसका पेट खराब हो जाता हैं , पेट में हवा भर जाती है , खट्टी डकारें आने लगती हैं, वह मीठे को पचा नहीं पाता , उसे  दस्त आने लगते हैं । मीठे का इस रोगी पर इतना खराब प्रभाव पड़ता हैं कि माता अगर मिठाई की शौकीन होती हैं , तो उसके दूध पीते बच्चे को दस्त आने लगता हैं ।  दस्तो पर ध्यान न देकर इसके सर्वांगीण व व्यापक लक्षण पर ध्यान देकर इस दवा प्रयोग लाभप्रद होता हैं । 


पेट में हवा की अधिकता व अपचन - पेट मे हवा भरना इस औषधि का प्रमुख लक्षण हैं । पेट में हवा गड़गड़ाती है, जिसे रोगी निकाल नहीं पाता । जब हवा निकलती हैं, तो अधिक मात्रा में निकलती हैं । हवा से पेट ऐसे फूल जाता है, जैसे फट जाएगा । हवा के इस लक्षण के कारण रोगी अपचन का शिकार हो जाता हैं । अर्जेन्टम नाइट्रिकम के रोगी के पेट में दर्द होता हैं। यह दर्द एक स्थान से पेट में  चारों तरफ जाता हैं । यह दर्द धीरे - धीरे उठता है और धीरे - धीरे ही कम हो जाता हैं । यह दर्द आइस क्रीम या ठंडी वस्तुएँ खाने से होता है । जब यह दर्द बहुत बढ़ जाता हैं तब रोगी लेसदार श्लेष्मा को वमन करता हैं । रोगी को ज़ोर - ज़ोर की डकारें आने लगती हैं । अगर इन लक्षणों पर यह दवा दी जाए , तो पेट की शोथ व अल्सर भी ठीक हो जाता हैं । अगर रोगी मीठा खाता हो , और तब ये उपद्रव उत्पन्न हो , तो  यह औषधि अधिक लाभ करता हैं । 


गले मे फांस जैसी चुभन - इस औषधि में गले की शोथ के लक्षण के साथ निगलते समय गले में फांस की - सी चुभन का होती हैं । यह लक्षण हिपर तथा नाइट्रिक एसिड में भी हैं , सिर्फ अंतर यह है कि अर्जेन्टम नाइट्रिकम का रोगी ऊष्णता प्रधान है , ठंडा कमरा,ठंडा पेय व ठंडी हवा पसन्द करता हैं।  हिपर का रोगी गर्म चीज़ पीना, गर्म कपड़े पसंद करता हैं, ठंड से डरता हैं । गले में ऐसी चुभन होती हैं, जैसे मछली की हड्डी अटकी हो । गले मे फांस की चुभन कई दवाइयों में हैं । अगर गले में पुराना अल्सर हो , तो अर्जेन्टम नाइट्रिकम बहुत उपयोगी औषधि हैं । गले की खराश, दर्द , गाढ़ा कफ जिसे बार - बार खरखराना पड़ता हैं, तो  इममे यह औषधि लाभप्रद होती हैं । 


आँख के रोग - स्त्रियाँ सीने - पिरोने में आंख पर बहुत जोर देती हैं, इस से आँख पर बोझ पड़ता हैं और आँखे दुखने लगती हैं। छोटे अक्षरों को पढ़ने से भी आंखें थक जाती हैं । ऐसी अवस्था में इस औषधि से लाभ होता है । रोगी पढ़ते समय पुस्तक को पास से न देखकर बूढों की तरह दूर से देखता हैं । अर्जेन्टम नाइट्रिकम का सबसे ज्यादा लाभ आँख आने पर होता हैं, जब आंख लाल हो जाए और उसमे से गीद निकलने लगे है । आँख की भीतरी सूजन , जबर्दस्त लाली , आँख से पस का प्रवाह , आँख में धुंध का आ जाना, आँख के किसी भी कष्ट में इस दवा से तुरंत लाभ होता हैं । 


दायीं करवट लेटने से धड़कन - दायीं तरफ लेटने से रोगी की धडकन बढ़ गई ऐसा अनुभव करता हैं । अर्जेन्टम नाइट्रिकम का यह ' विलक्षण - लक्षण ' हैं । यह विलक्षण - लक्षण एलूमेन , बैडियागा , कैलमिया , कैलि नाइट्रिकम , लिलियम टिग , प्लैटिना और स्पंजिया में भी पाया जाता हैं । अर्जेन्टम नाइट्रिकम का यह लक्षण इतना प्रबल हैं कि इसे इसका ' व्यापक - लक्षण ' कहा जाता हैं । यह हृदय से संबंध रखने वाला लक्षण हैं, इसलिये इसका बड़ा महत्व हैं । रोगी कहता हैं कि जब वह दाई करवट लेटता हैं, तब सिर से पैर तक धड़कन होने लगती है । 


गला बैठना और गले में दर्द - गायकों का गला बैठ जाना जिस वजह से वह गा नहीं सकता, गले में दर्द रहना अर्जेन्टम नाइट्रिकम व अर्जेन्टम मेटैलिकम दोनों में होता हैं , परन्तु इस लक्षण में अर्जेन्टम मेटैलिकम का अधिक अधिक कारगर होती हैं । 


अर्जेन्टम नाइट्रिकम का रोगी ऊष्णता प्रधान होता हैं -  अर्जेन्टम नाइट्रिकम ऊष्ण प्रकृति की औषधि हैं । इस औषधि का रोगी ठंडी हवा पसन्द करता है । ठंडा पानी , आइस क्रीम का शौकीन होता हैं | गर्म कमरे मे दम घुटता हैं, दरवाजे और खिड़कियां खोल देना चाहता है । भीड़ वाली जगहों पर सांस लेना कठिन होता हैं, तो यह दवा लाभ पहुँचाती हैं । 


अर्जेन्टम नाइट्रिकम औषधि के अन्य लक्षण 


> चक्कर आना - ऊंची अट्टालिकाओं को देखने में चक्कर आ जाता हैं , कम्पन्न और कमज़ोरी अनुभव करता हैं । ये सभी लक्षण जेलसीमियम में भी पाये जाते हैं, परन्तु नई बीमारी में जेलसीमियम और  पुरानी बीमारी में अर्जेन्टम नाइट्रिकम दी जाती हैं । 


> अघसीसी का दर्द  - अघसीसी के दर्द में यह अत्युत्तम औषधि हैं । रोगी यह अनुभव करता है कि सिर फैल गया है और बड़ा हो गया हो । सिर को लपेटने से रोगी को आराम मिलता हैं । 


> रोगी अनुभव करता है कि हर बात में देरी हो रही हैं । सब काम जल्दी - जल्दी करना चाहता हैं और चलने की जगह भागता हैं । 


> दिन - रात मूत्र  निकलता रहता हैं । मूत्र निकलने का लक्षण कॉस्टिकम में भी होता हैं । 


> संभोग के समय उत्तेजना जाती रहती हैं । एगनस , कलैडियम , सिलेनियम में भी यह लक्षण हैं । 


अर्जेन्टम नाइट्रिकम की शक्ति व प्रकृति - यह औषधि 3 , 30 , 200 की शक्ति में उपलब्ध हैं । यह औषधि ' गर्म ' प्रकृति की हैं ।


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