बुधवार, 6 जनवरी 2021

ऐमोनियम कार्बोनिकम ( AMMONIUM CARBONICUM ) औषधि के व्यापक लक्षण, मुख्य रोग तथा फायदे

ऐमोनियम कार्बोनिकम को ऐमोनिया कार्ब भी कहा जाता हैं, इस औषधि के व्यापक लक्षण, मुख्य रोग तथा फायदों को विस्तार से जानते हैं-

  • स्थूलकाय स्त्रियों को ऐमोनिया कार्ब सूंघने की आदत पड़ना 
  • दमे जैसा श्वास कष्ट , दमे में भी ठंडी हवा की इच्छा 
  • कफ से श्वास कष्ट 
  • इन्फ़्लुएन्ज़ा के बाद  बची खांसी 
  • ऐमोनिया कार्ब के स्राव तीखे लगना 
  • मासिक धर्म में जननांगों के भीतर दर्द 
  • मासिक धर्म जल्दी, अधिक खून, काला खून तथा खून के थक्के होना 
  • मासिक धर्म से पहले दिन हैजे जैसे दस्त 
  • प्रात: काल 3 बजे रोग का बढ़ना 
  • ऐमोनियम कार्बोनिकम व लैकेसिस औषधि की तुलना

" ऐमोनियम कार्बोनिकम की प्रकृति "

दबाने, पेट के बल लेटने और पीड़ा ग्रस्त अंग की तरफ लेटने से रोग व लक्षणों में कमी आती हैं। ठंड , नमी वाले बादल के दिन, खुली हवा से, प्रात काल लगभग तीन चार बजे, मासिक धर्म के दिनों में, स्नान से व सोने के बाद रोग व लक्षणों में वृद्धी होती हैं।

" स्थूलकाय स्त्रियों को ऐमोनिया कार्ब सूंघने की आदत पड़ना "

जिन स्त्रियों को हृदय रोगों के कारण श्वास कष्ट होता हैं, उन्हें ऐमोनिया कार्ब सूंघने के आदत पड़ जाती हैं । वे प्राय ऐमोनिया कार्ब अपने पास रखती हैं और श्वास कष्ट में इसे सूंघती हैं । अधिक कमजोरी, श्वास लेने में कठिनाई, ऐसा लगना कि हृदय काम नहीं कर रहा । रोगी हृदय की धड़कन से बिस्तर पर लेटा रहता हैं और हिलने - डुलने से उसे सांस लेने में कष्ट होता हैं। यह रोगी की शारीरिक कमज़ोरी होती हैं। अत: उसे किसी दवा से लाभ नही होता । और ऐसे रोगियों को आराम करने को कहा जाता हैं । यह औषधि उन स्त्रियों के लिये बहुत उपयोगी हैं, जो कफ़ प्रकृति की होती हैं, स्थूलकाय, कमजोर और बार-बार में बेहोश हो जाती हैं ।  जिन्हें सचेत रहने के लिये ऐमोनिया कार्ब सूंघना पड़ता हैं। 

" दमे जैसा श्वास कष्ट "

इस औषधि में शीत प्रधान दमे का रोगी स्वास कष्ट में भी ठंडी हवा पसंद करता हैं।  दमे के ऐसे रोगी का विलक्षण यह होता हैं कि अगर वह गर्म कमरे में हो तो भी उसका श्वास कष्ट बढ़ जाता हैं , दम घुटने लगता हैं और वह शान्ति के लिये ठंडी हवा में जाना चाहता हैं। परन्तु रोगी अपनी प्रकृति व शारीरिक अनुभूति में ठंड से डरता हैं। परन्तु दमे में गर्मी से डरता हैं ।

" कफ से स्वास कष्ट "

इस औषधि में कफ के लक्षण अधिक पाये जाते हैं । छाती में और श्वास - प्रणालियों मे कफ खड़कता है । इसी कफ के अटके रहने के कारण सास लेने में कष्ट व भारीपन अनुभव होता हैं। छाती में इतना कफ भर जाता हैं कि निकलता ही नहीं । क्षय रोग की अंतिम अवस्था में जब फेफड़े कफ से भर जाते हैं, तो यह औषधि स्वास कष्ट को कम कर देती है । 

" इन्फ़्लुएन्ज़ा के बाद  बची खांसी "

इन्फ्लुएन्ज़ा के बाद जो खांसी रह जाती हैं, वह किसी दवा से आसानी से ठीक नही होती हैं । लेकिन एमोनियम कार्बोनिकम 200 की एक मात्रा से यह एकदम ठीक हो जाती हैं ।

" ऐमोनिया कार्ब के स्राव तीखे लगना "

ऐमोनिया कार्ब में सब प्रकार के स्राव तीखे होते हैं । नाक से जो पानी बहता हैं उससे होंठ छिल जाते हैं, मुख का सेलाइवा होंठ को बीच में से काट डालता हैं, होठों के दोनो सिरे छिल जाते हैं। रोगी होठों की त्वचा को छीलता रहता हैं । आँख के पानी से आँखें जलती रहती हैं । 

स्त्री के गुह्याग भी दुखने लगते हैं , मानो पक रहे हो । यह भी वहा के स्राव के लगने के कारण होता है । अगर शरीर पर कोई घाव हो जाता है तो उसमें से भी लगने वाला स्राव बहता है । यह लगना , त्वचा को छील देना  इस औषधि के स्रावो की विशेषता है । 

" मासिक धर्म में जननांगों के भीतर दर्द "

स्त्री का  आन्तरिक जननांगों दर्द रहता हैं , ऐसे लगता है जैसे जननांगों के भीतर यह दर्द बहुत गहरा हो। इस दर्द से अभिप्राय सिर्फ स्पर्श से ही नही है , बिना स्पर्श के भी दर्द बना रहता हैं । मासिक धर्म काल में यह आन्तरिक दर्द बढ़ जाता हैं और जब तक मासिक धर्म होता रहता है तबतक भीतर के जननांगों में दर्द रहता हैं । 

" मासिक धर्म जल्दी, अधिक खून, काला खून तथा खून के थक्के होना "

इस औषधि में लगने वाला प्रदर , जननांगों की दुखन , लगाने वाले स्राव से जननांगों में सूजन आ जाती हैं । मासिक धर्म बहुत जल्दी हो जाता हैं, समय से पहले, अधिक खून, काला खून और खून के थक्के के थक्के होते हैं, तो यह औषधि लाभप्रद होती हैं । 

" मासिक धर्म से पहले दिन हैजे जैसे दस्त "

इस औषधि का विशेष लक्षण यह है कि रजोधर्म होने से पहले दिन हैजे जैसे दस्त होते हैं और मासिक धर्म के दिनो में भी दस्त बने रहते हैं ।  

" प्रात: काल 3 बजे रोग का बढ़ना "

वृद्ध पुरुषों में ज्यादातर प्रात काल 3 बजे खांसी की शिकायत रहती हैं, और जब खांसी आती हैं, तो खासते - खासते पसीना आ जाता हैं और साथ ही दम घुटता है । तो यह औषधि कारगर होती हैं।

" लैकेसिस तथा ऐमोनिया कार्ब का सम्बन्ध "

लैकेसिस का प्रभाव बाई तरफ रहता हैं और ऐमोनिया कार्ब का प्रभाव दाई तरफ होता हैं। इस अन्तर के बाद भी इन दोनों औषधियों काफी सम्बन्ध हैं । जैसे - 

( क ) दोनो औषधियो में काले खून का बहना पाया जाता हैं । 

( ख ) दोनो औषधियों में सोने के बाद लक्षणों में वृद्धी होती हैं । 

" ऐमोनियम कार्बोनिकम के अन्य लक्षण "

बालों का झड़ना इस का प्रधान लक्षण हैं । नख पीले पड़ जाते हैं । प्रात: काल मुख धोते समय नकसीर आना । स्नान के बाद त्वचा पर लाल धब्बे उभर आना । स्नान के बाद त्वचा पर खून लहरें मारने लगता है । हड्डियों, दांतो और जबड़ो में दर्द रहता हैं । 

" ऐमोनिया कार्ब की शक्ति तथा प्रकृति "

ऐमोनिया कार्ब औषधि 6, 30, 200 शक्ति में दी जाती हैं । यह दीर्घकालिक एन्टी सोरिक और शीत प्रधान औषधि हैं।