सोमवार, 21 दिसंबर 2020

एम्ब्रा ग्रीसिया ( AMBRA GRISEA ) औषधि के व्यापक लक्षण, मुख्य रोग और फायदें

एम्ब्रा ग्रीसिया दवा के लक्षण, मुख्य रोग व फायदों को विस्तार से जानते हैं -

  • जवानी में वृद्धावस्था के लक्षण 
  • चक्कर आना
  • घरेलू विपत्ति या व्यापार में हानि से स्नायु दुर्बलता तथा अनिद्रा 
  • गाना बजाना सहन न होना व सुनने से खांसी आ जाना 
  • शरीर के पीड़ित अंग में शिकायत

" एम्ब्रा ग्रीसिया की प्रकृति "

भोजन करने के बाद  ठंडी हवा में व ठंडा खाने पीने से लक्षणों में कमी आती हैं। दूसरों की उपस्थिति से, चिन्ता , व्यावसायिक चिन्ता, घरेलु विपत्ति, वृद्धावस्था में और  प्रातःकाल तथा सायंकाल को रोग में वृद्धि होती हैं।

" जवानी मे वृद्धावस्था के लक्षण "

कई दुबले - पतले युवक-युवतियाँ  जवानी में ही बुढ़ापे जैसी अवस्था में पहुंच जाते हैं , वे 50 से 60 वर्ष की आयु जैसे लगते हैं । ऐसे रोगियों के लिये यह उत्तम औषधि हैं । रोगी के अंगों में कमजोरी के कारण कंपन , चलने में लड़खड़ाहट , स्मरण शक्ति की कमी - ये सभी लक्षण दिखाई देते हैं । 

वे बात करते हुए भूल जाते हैं कि क्या कहा था , प्रश्न करेंगे और उत्तर सुने बिना दूसरा प्रश्न कर डालेंगे । कई नवयुवकों में ऐसी मानसिक कमजोरी आ जाती हैं , वे पागल तो नहीं होते , परन्तु पागल जैसी प्रवृति करते हैं । 

वृद्ध लोगों में स्नायु दुर्बलता का यह लक्षण पाया जाता हैं कि वे क्षण में तो बिल्कुल हतोत्साह, निराश दीख पड़ते हैं, फिर कुछ देर बाद, स्वभाव की उग्रता दर्शाते हैं। इस प्रकार के स्नायु दुर्बलता में वृद्ध पुरुषों को इस दवा से लाभ होता हैं । कभी - कभी ऐसा भी होता है कि व्यक्ति सुख - दुख , शुभ - अशुभ सब बातों के प्रति उदासीन हो जाता हैं । जिन बातों से दूसरों का दिल टूट जाए उन बातों का उन पर कोई असर नहीं होता हैं। 

ऐसा इसलिए होता हैं, क्योंकि उनकी सोच विचार की शक्ति क्षीण हो जाती हैं । प्रात: काल उठने पर इन लोगों की मानसिक स्थिति सजग नहीं होती, वे स्वप्न की अवस्था में ही रहते हैं । अगर यह अवस्था बढ़ जाए , तो सायंकाल तक पागल से पाये जाते हैं । 

" चक्कर आना "

जिन लोगों में युवावस्था में ही वृद्धावस्था के लक्षण प्रकट हो जाते हैं, उनकों चक्कर आना स्वाभाविक हैं । वह अकेला बाहर नहीं निकल सकता, जिस विषय पर विचार-विमर्श हो रहा हैं, उस पर ध्यान केंद्रित नही कर पाता हैं। चक्करों की इस अवस्था में एम्ब्रा ग्रीसिया बहुत ही अच्छी औषधि हैं।

" घरेलू विपत्ति या व्यापार में हानि से स्नायु दुर्बलता तथा अनिद्रा "

एक स्वस्थ आदमी को व्यापार में एकदम से नुकसान हो जाए या फिर घरेलू विपत्ति आ जाए , परिवार में लगातार मौतें होने से मन में ऐसा आघात लगता हैं, कि उसे संसार निस्सार दिखने लगता हैं । और इन दुर्घटनाओं को देखकर उसे जीने का कुछ लक्ष्य नहीं दिखता , वह जीवन से निराश हो जाता हैं । इन्ही विचारों से उसकी निद्रा नष्ट हो जाती हैं । ऐसे रोगी की यह ठीक कर देती हैं । 

" गाना बजाना सहन न होना व गाने से खांसी आ जाना "

रोगी को गाना सुनने व बजने से अनेक कष्ट होते हैं, खांसी आने लगती हैं । गाने के स्वरों को वह भौतिक वस्तु समझता है , और उसे ऐसी अनुभूति होती हैं, कि स्वर उसे जकड़े हुए हैं । ऐसे में  एम्ब्रा ग्रीसिया औषधि लाभप्रद होती हैं।

" शरीर के पीड़ित अंग में शिकायत "

एम्ब्रा ग्रीसिया में शरीर के एक अंग में ही शिकायत होती है । जैसे रोगी के शरीर के उसी अंग में पसीना आता है जो अंग पीड़ित व रोग ग्रस्त हैं , दूसरे में नहीं आता ।  

इस औषधि के कुछ अन्य लक्षण भी होते हैं। जैसे- स्त्री प्रसंग के समय दमे का दौरा पड़ना , मेरुदण्ड के प्रदाह से जो लोग रोग ग्रस्त हैं उनकी स्नायविक खांसी , डकार , उंगली व बाह में से किसी एक अंग में सुन्नपन और  भीड़ से परेशानी जैसे लक्षणों में लाभ करती हैं ।  यह स्नायु प्रधान दवा हैं । 

" एम्ब्रा ग्रीसिया औषधि की शक्ति व उपयोग "

एम्ब्रा ग्रीसिया का 2 या 3 शक्तियों का बार - बार प्रयोग किया जा सकता हैं । सांयकाल इस औषधि को नही देना चाहिये , इससे रोग बढ़ सकता हैं । यह व्हेल मछली से निकलता हैं और यह नोसोड होता हैं ।


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