सोमवार, 12 अक्तूबर 2020

इथूजा ( AETHUSA ) औषधि के व्यापक लक्षण तथा मुख्य रोग और गुण व फायदें

इथूजा ( AETHUSA ) औषधि के  व्यापक  लक्षण तथा मुख्य रोग और गुण व फायदों को विस्तार जानेंगे ।

  1. बच्चे का दूध पीकर उल्टी कर, सो जाना 
  2. कब्ज के साथ सब्ज और पीले दस्त 
  3. निम्न रोगों का इलाज न होने पर रोग का हैजे में बदल जाना 
  4. परीक्षा के समय की थकावट व एकाग्रता में कमी
  5. बच्चों में ऐंठन 
  6. अन्य लक्षण - ज्वर में गर्मी लगने पर भी प्यास नहीं लगना, गर्दन के चारों ओर ग्रन्थियों की माला उभर आना , तेज कय , तेज अकड़न , तेज दर्द , 

इथूजा औषधि की प्रकृति - खुली हवा में और लोगों से मिलने जुलने से रोग के लक्षणों में कमी आती हैं । प्रात काल 3 से 4 बजे के बीच, सांयकाल को, ग्रीष्म ऋतु में, दूध पीने के बाद, कय , दस्त और ऐंठन के बाद, बच्चे के दांत निकलते समय और बार - बार खाने से रोग के लक्षणों में वृद्धी होती है।

बच्चे का दूध पीकर उल्टी कर सो जाना - इथूजा बच्चों की मित्र औषधि मानी जाती है । बच्चों के अनेक रोगों मे लाभप्रद होती है । बच्चा जब भी दूध पीता हैं और तुरन्त बाद उलटी कर देता है । अगर कुछ समय तक वह दूध को पेट में रख भी लेता है, तो कुछ देर बाद फटे हुऐ दूध जैसी उलटी कर करता जिसका रंग कुछ नीले जैसा होता है । उल्टी करने से उसे जो कमजोरी और थकावट होती है, जिसके कारण वह सो जाता हैं। परन्तु थोड़ी देर बाद जाग कर भूख से रोने  लगता है । माँ उसे फिर दूध पिला देती है, वह फिर उल्टी कर देता है, और अगर कुछ देर दूध पेट मे रहा तो दही जैसी उल्टी कर देता है । ऐसा प्राय दो कारणों से होता है या तो बच्चे के पेट मे कुछ ख़राबी होती है, या जब उसके दांत निकल रहे होते हैं । बच्चे का दूध को न पचा पाना इथूजा का लक्षण है । इन लक्षणों में यह औषधि लाभप्रद होती है ।

दूध हजम न कर पाने मे इथूजा तथा कैल्केरिया की तुलना - इथूजा की तरह कैल्केरिया में भी बच्चा दूध पीकर जमे हुए दही की तरह उल्टी कर देता है , परन्तु इथूजा में बच्चा उल्टी करने के बाद फिर दूध पीने लगता है जबकि कैल्केरिया में बच्चा उल्टी करने के बाद दूध नहीं पीता । कैल्केरिया में बच्चे के सिर पर पसीना आता है और उसके शरीर से खट्टी बदबू आती हैं।  इथूजा में बदबू नहीं होती । 

कय के साथ साथ सब्ज़ और पीले दस्त आना -  ग्रीष्म ऋतु में कभी - कभी कय के साथ सब्ज़ और पीले रंग के दस्त आते हैं । यह जरूरी नहीं कि दस्त आयें ही , परन्तु यह देखा गया है कि बच्चों को कय के साथ सब्ज़ अथवा पीले रंग के दस्त भी आ जाते है ।

निम्न रोगों का इलाज न होने पर हैजे की शिकायत - जब बच्चे के दूध पीते ही उल्टी आ जाय, उल्टी आने पर थक कर बेजान होकर सो जाय , उठकर फिर दूध के लिये रोने लगे , सब्ज़ के साथ पीले दस्त आने लगें, इन लक्षणों में इलाज न होने पर हैजे की शिकायत हो जाती है और बच्चा मरणासन्न अवस्था में हो जाता है । इन शिकायतों मे इथूजा बच्चे की परम मित्र और लाभप्रद मानी जाती  है । 

परीक्षा के समय थकावट और एकाग्रता में कमी - इथूजा के लक्षणों में रोगी कुछ पढ़ नहीं पाता , मानसिक कार्य नहीं कर पाता, मस्तिष्क शांत नही रहता। अर्थात विद्यार्थी परीक्षा के समय ऐसी मानसिक दशा अनुभव करता हैं, विद्यार्थी कितना भी प्रयत्न करें मन कुछ भी ग्रहण नहीं करता । उस समय की इस थकावट को इपूजा दूर कर देती है ।

इथूजा , अर्जेन्टम नाइट्रिकम तया जेलसीमियम की एकाग्रता की कमी मे तुलना - मानसिक थकावट मे होम्योपैथिक की तीन दवाओं की तरफ ध्यान जाता है । इथुजा मे तो दिमाग पढ़ते हुए थकता है और आगे काम नहीं करता जैसा  परीक्षा से पहले हुआ करता है । अर्जेन्टम नाइट्रिकम मे घबराहट , चिन्ता , परीक्षा मे फेल होने की आशका होती है। साधारण से घबराहट से ही दस्त आ जाता है और अपनी असमर्थता की पूर्व कल्पना के भय से घबराहट होने लगती है। जेलसीमियम मे भी अर्जेन्टम नाइट्रिकम जैसा लक्षण होता है। इथूजा मस्तिष्क की थकावट को सूचित करता है , मस्तिष्क की काम करने में असमर्थता का द्योतक है ।  अर्जेन्टम नाइट्रिकम मानसिक तनाव , घबराहट और आशंका का द्योतक है । इनके अलावा इथुजा में पेट की शिकायत व उल्टी की शिकायत होती है । अर्जेन्टम नाइट्रिकम मे पेट मे हवा भरी होती है जो बदहज़मी का कारण होती है, ऐसा लगता है कि पेट फूट जायगा । इथूजा तथा अर्जेन्टम दोनो मे दस्त और हरा आव आता है । अर्जेन्टम का रोगी मीठे का शौकीन होता है , परन्तु मीठा नही खा पाता , बल्कि मीठे से उसकी शिकायतें बढ़ जाती हैं । 

ऐंठन में - बच्चों की ऐंठन में इथूजा बहुत लाभ पहुँचाता है ऐंठन के समय बच्चा मुट्ठी बांद लेता है। उसकी आखें नीचे तरफ फिरी रहती हैं और चेहरा लाल हो जाता है, पुतलिया फैल जाती हैं, मुख से झाग निकलने लगती है।

इथूजा औषधि के अन्य लक्षण

  1. ज्वर मे गर्मी लागने पर भी प्यास बिल्कुल नहीं लगती है ।
  2. गर्दन के चारो तरफ ग्रथियो की माला - सी उभर आती है ।
  3. तेज़ कय, तेज़ अकडन, तेज़ दर्द - सब शिकायतो मे तेजी होना । 

इथूजा औषधि की शक्ति तथा प्रकृति - यह औषधि 3 , 30 , 200 की शक्ति में उपलब्ध है और यह उष्ण प्रधान औषधि है । औषधि का सेवन चिकित्सक की देखरेख व सलाह से ही करे । 


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